अपने पहले मिलन की बात भूल गया हूं कब किसने की थी शुरूआत भूल गया हूं पहले तो मुझे याद था हर शेर जुबानी देखा जो तुमको पूरी ग़ज़ल भूल गया हूं
और तब कहता हूं कि
हयात ले के चलो, क़ायनात ले के चलो । चलो तो सारे ज़माने को साथ ले के चलो ।।
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हयात ले के चलो, क़ायनात ले के चलो ।
अपने पहले मिलन की बात भूल गया हूं
कब किसने की थी शुरूआत भूल गया हूं
पहले तो मुझे याद था हर शेर जुबानी
देखा जो तुमको पूरी ग़ज़ल भूल गया हूं
और तब कहता हूं कि
हयात ले के चलो, क़ायनात ले के चलो ।
चलो तो सारे ज़माने को साथ ले के चलो ।।